दिव्यांगजन बच्चों के लिए विशेष शिक्षा
संस्था के द्वारा विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजन बच्चों एवं वे बच्चे जो दिव्यांगजन के मानक में तो नहीं आते, किन्तु उन्हें मुख्यधारा वाले बच्चों के साथ सामंजस्य बिठाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उनके लिए मुख्यतः प्रत्येक दिन सायंकाल में विशेष कक्षा चलाई जाती है। इसमें सभी बच्चों को उनकी आवश्यकतानुसार मुख्यधारा में सम्मिलित किए जाने हेतु तैयार किया जाता है तथा उनके जीवनयापन के लिए उनका कौशल विकास करवाया जाता है।



आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए आवश्यकता वाले सामान का वितरण
संस्था समय-समय पर कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चों को अपनी तरफ से आवश्यकता वाली चीजें उपलब्ध करवाती है।


जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
मानसिक स्वास्थ्य में विकारता तेजी से फैल रही है। किन्तु अज्ञानता होने तथा सामाजिक रूप से “पागल” कहलाने के डर के कारण अधिकतर लोग मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में हिचक महसूस करते हैं तथा हस्तक्षेप से बचने का प्रयास करते हैं। जिस कारण समस्या अत्याधिक बढ़ जाती है तथा बढ़ने के बाद उपचार करने में कई समस्याएँ आती हैं। इन्हीं कठिनाइयों को केन्द्रित करते हुए वसुंधरा मानव कल्याण संस्था के द्वारा मानसिक रोगों व मानसिक विकारताओं की जनजागरूकता के लिए अभियान चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता
वसुंधरा मानव संस्था, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के बच्चों और युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रही है। संस्था द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएँ एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को भावनात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन, आत्म-देखभाल तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। इन प्रयासों के माध्यम से संस्था मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को कम करने तथा बच्चों और युवाओं के लिए एक संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने का लक्ष्य रखती है।





